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बारिश से क्षतिग्रस्त सड़क मामले में ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

सात दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश, संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी

 गणेश पाण्डे डिंडोरी

डिंडौरी  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत विकासखंड मेंहदवानी में एस.एच.-11 चाबी-मेंहदवानी रोड से कुसेरा (खिसी, जिला मंडला सीमा) तक 12.1 किलोमीटर मार्ग के तेज बारिश में क्षतिग्रस्त होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार एवं निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी के विरुद्ध कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के द्वारा  कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

उक्त मार्ग का निर्माण कार्य लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से ठेकेदार शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन, सतना द्वारा कराया गया था। निर्माण कार्य 29 अप्रैल 2023 को पूर्ण होना बताया गया है। हाल ही में हुई तेज बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने से पुलिया के समीप सड़क का एक बड़ा हिस्सा कटकर बह गया। इससे मार्ग के बीच गहरा कटाव हो गया तथा क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ। बताया गया है कि उक्त सड़क वर्तमान में पांच वर्षीय गारंटी संधारण अवधि के अंतर्गत है। ऐसे में सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता, जल निकासी व्यवस्था तथा तकनीकी मानकों के पालन को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीरता से परीक्षण किया जा रहा है।

नोटिस में निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

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जारी कारण बताओ नोटिस में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित तकनीकी मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया तथा अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं किया गया। सड़क एवं पुलिया निर्माण के दौरान पर्याप्त गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग तथा उचित जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

नोटिस में यह भी उल्लेखित है कि निर्माण कार्य में कथित लापरवाही एवं अनियमितताओं के कारण शासन को आर्थिक क्षति पहुंचने की स्थिति निर्मित हुई। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित पक्षों के जवाब एवं विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगा।

अधिकारी की निगरानी एवं पर्यवेक्षण पर भी सवाल

निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारी को जारी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि उनके द्वारा निर्माण कार्य का सतत निरीक्षण नहीं किया गया तथा अधीनस्थ अमले को समय पर आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन और पर्यवेक्षण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके परिणामस्वरूप निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।

नोटिस में संबंधित अधिकारी के कृत्य को पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं गंभीर लापरवाही बताते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है। संबंधित अधिकारी से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 14 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित किए जाने के संबंध में जवाब मांगा गया है।

ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट और एफआईआर की चेतावनी

निर्माण एजेंसी को जारी नोटिस में सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने, अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन तथा निर्माण गुणवत्ता से संबंधित आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। ठेकेदार को यह भी स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार फर्म को ब्लैकलिस्ट किए जाने तथा एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

सात दिवस में प्रस्तुत करना होगा जवाब

संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार को नोटिस प्राप्ति की तारीख से सात दिवस के भीतर अपना लिखित उत्तर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्रस्तुत नहीं करने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

विभाग द्वारा सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारणों, निर्माण की गुणवत्ता तथा संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का परीक्षण किया जा रहा है। कार्रवाई के बाद ही मामले में दोष एवं उत्तरदायित्व की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। साथ ही, प्रभावित मार्ग को दुरुस्त कर क्षेत्र के ग्रामीणों का आवागमन सुचारु करना भी प्राथमिकता का विषय है।

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